
रूस-यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' का डोनाल्ड ट्रंप का दावा, जेलेंस्की बोले- यह मेरे लिए बिल्कुल नई बात
12 Oct 2026, 05:00 AM · 18 views · 1 min read
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर तुरंत प्रभाव से संघर्ष विराम का दावा किया है, हालांकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस बात की पूर्व जानकारी नहीं थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन अपने-अपने ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने यानी 'एनर्जी सीजफायर' पर सहमत हो गए हैं। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू है और दोनों ही पक्षों को इसका उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
हालांकि, ट्रंप ने इस युद्धविराम के क्रियान्वयन या इसकी समयसीमा को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। इस घोषणा के सामने आने के तुरंत बाद न तो क्रेमलिन और न ही व्हाइट हाउस की तरफ से इस संबंध में कोई औपचारिक विस्तृत पुष्टि की गई।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप के इस दावे पर हैरानी जताई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह घोषणा उनके लिए बिल्कुल नई खबर की तरह है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूसी पक्ष वास्तव में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने को तैयार है, तो यूक्रेन भी इस कदम का स्वागत करेगा और इसे स्वीकार करने के लिए तैयार है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर नाटो महासचिव मार्क रूटे और अन्य सहयोगी देशों के नेताओं से विचार-विमर्श किया है। उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन तनाव कम करने और युद्ध समाप्त करने वाले कदमों का समर्थन करता है, लेकिन उन्हें इस सीजफायर को लेकर अमेरिकी पक्ष से स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
ट्रंप की इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सेना ने कीव स्थित एक पावर प्लांट को 'शाहेद' ड्रोन के जरिए निशाना बनाया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, ट्रंप के शांति संबंधी बयान के बाद भी खारकीव और अन्य क्षेत्रों के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले जारी रहे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जेलेंस्की ने प्रस्ताव दिया था कि यदि मॉस्को यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बमबारी रोक दे, तो कीव भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर अपने हमले बंद करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा था कि किसी भी तरह की शांति प्रक्रिया दोनों पक्षों की तरफ से बराबरी और ठोस गारंटी पर आधारित होनी चाहिए।
हाल के दिनों में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली है। ट्रंप ने यूक्रेन में नए नेतृत्व की जरूरत पर बल देते हुए कहा था कि वहां ऐसा नेता होना चाहिए जो समझौता कर सके। इस पर पलटवार करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि देश का नेतृत्व चुनना यूक्रेन के नागरिकों का अपना अधिकार है।
जेलेंस्की ने यह भी सुझाव दिया कि यदि 60 दिनों का पूर्ण संघर्ष विराम सुनिश्चित किया जाए, तो यूक्रेन में चुनाव कराए जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध के मौजूदा हालात और बुनियादी ढांचे पर खतरों के बीच मतदान आयोजित करना बेहद जटिल कार्य है।
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