
पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता की हत्या, मुख्य आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
14 Oct 2026, 12:24 AM · 21 views · 1 min read
पंजाब के मानसा जिले में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से दबोच लिया गया है।
पंजाब के मानसा जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी को राजस्थान से हिरासत में ले लिया गया है।
मृतक की पहचान एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के रूप में हुई है, जिन्हें गत 13 अक्टूबर 2026 को दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। आरोपी एक मेडिकल स्टोर का संचालन करता था और झोटा ने उसे एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर नशीली दवाएं बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
विरोध जताने के दौरान हुई इस तीखी झड़प के बाद आरोपी ने एक्टिविस्ट पर हमला कर दिया। हत्या की यह पूरी खौफनाक घटना मृतक द्वारा किए जा रहे एक फेसबुक लाइव सेशन के दौरान कैमरे में कैद हो गई थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया था। सूत्रों के अनुसार, आखिरकार उसे राजस्थान के सालासर इलाके से दबोच लिया गया।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद मानसा क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। गुस्से में आए समर्थकों ने आरोपी की मेडिकल दुकान पर तोड़फोड़ की और पीड़ित परिवार ने विरोध स्वरूप तब तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था जब तक न्याय नहीं मिलता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी थी और मंगलवार (13 अक्टूबर 2026) को ही उस सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया था जिसने मुख्य आरोपी को भागने में सहायता प्रदान की थी।
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमराने के आरोप लगाए हैं।
विपक्ष का यह भी दावा है कि नशा माफिया के खिलाफ खड़े होने वाले लोगों की सुरक्षा पर इस घटना ने गंभीर और गहरे सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
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