
उदयपुर में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ा प्रहार, 57 हेक्टेयर में फैली 200 करोड़ रुपये की गांजे की खेती नष्ट
14 Oct 2026, 09:31 PM · 9 views · 1 min read
राजस्थान के उदयपुर जिले के मांडवा गांव में सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध गांजे की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
राजस्थान के उदयपुर जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत गांजे की व्यापक पैमाने पर की जा रही खेती को ध्वस्त कर दिया गया।
यह संयुक्त अभियान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर, राजस्थान की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) तथा स्थानीय पुलिस की टीमों द्वारा मिलकर चलाया गया।
कार्रवाई उदयपुर के मांडवा गांव में केंद्रित रही, जहां गुप्त सूचना के आधार पर जांच दल ने दबिश दी थी। मौके पर पहुंचकर सुरक्षा बलों ने पाया कि दुर्गम इलाके में धड़ल्ले से नशीले पौधों की बुआई की गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 57 हेक्टेयर के विशाल भूभाग पर अवैध रूप से गांजे की फसल लहलहा रही थी। पूरी जमीन पर योजनाबद्ध तरीके से इन प्रतिबंधित पौधों को उगाया गया था।
छापेमारी के दौरान संयुक्त दल ने मौके पर मौजूद करीब 1 लाख 33 हजार गांजे के पौधों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, यदि यह फसल पूरी तरह तैयार होकर बाजार तक पहुंचती, तो इससे करीब 39,900 किलोग्राम गांजा प्राप्त किया जा सकता था।
नष्ट की गई इस अवैध फसल का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 199.50 करोड़ रुपये आंका गया है। मादक पदार्थों के खिलाफ राज्य में इसे बेहद अहम और बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
इस पूरे ऑपरेशन की नींव एएनटीएफ राजस्थान से मिले इनपुट पर टिकी थी, जिसे एनसीबी जोधपुर के साथ साझा किया गया था और त्वरित रणनीति बनाकर इसे अंजाम दिया गया।
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