
अमेरिका: शिकागो के पास हिंदू मंदिर में गोलीबारी की रची थी साजिश, राइफल जाम होने से टला हमला; 19 साल का युवक गिरफ्तार
14 Oct 2026, 11:54 PM · 19 views · 1 min read
अमेरिका के इलिनॉय में एक हिंदू धार्मिक स्थल पर अंधाधुंध गोलीबारी की योजना बनाने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। तलाशी में उसके पास से हथियार और नफरती दस्तावेज मिले हैं।
अमेरिका के इलिनॉय राज्य में एक हिंदू धार्मिक स्थल को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की गंभीर साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पैलेटाइन निवासी 19 वर्ष के एक युवक को हिरासत में लिया है, जिसके पास से भारी मात्रा में असलहा और नफरत से भरा दस्तावेज बरामद किया गया है।
गिरफ्तार किए गए संदिग्ध की पहचान अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस के तौर पर हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से प्रभावित था और उसने एक दस्तावेज में भारतीय मूल और दक्षिण एशियाई लोगों के प्रति गहरी नफरत जाहिर करते हुए हिंसा फैलाने की मंशा जताई थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, पापोराकिस ओरोरा इलाके में स्थित एक हिंदू मंदिर पर हमला करने की फिराक में था। आरोप है कि हमले के प्रयास के दौरान उसकी राइफल में खराबी आ गई और वह जाम हो गई, जिससे वह बिना किसी को नुकसान पहुंचाए मौके से तुरंत भाग निकला।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी एक फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में काम करता था। उसने कथित तौर पर अपने सहकर्मियों से कहा था कि वह रविवार को कुछ खास करने वाला है। बाद में उसने अपने एक साथी को फोन कर यह दावा भी किया कि उसकी बंदूक अटक गई थी, इसलिए वह बिना किसी की नजर में आए वहां से निकल गया।
इस साजिश की जानकारी मिलते ही पैलेटाइन और माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस की टीमों ने साझा अभियान चलाया। अधिकारियों ने 11 अक्टूबर की शाम को संदिग्ध को उस वक्त अपनी हिरासत में ले लिया, जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था।
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को एक अवैध राइफल, कई लोडेड मैगजीन, सैकड़ों कारतूस और बॉडी आर्मर जैसी सामग्रियां मिलीं। इसके साथ ही 'वाय आई फॉट' नाम से लिखा उसका एक घोषणापत्र भी जब्त किया गया, जिसमें नस्लीय और चरमपंथी नफरत का विवरण था।
पापोराकिस को रोलिंग मीडोज की अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसे हिरासत में रखने का निर्देश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को तय की गई है। स्थानीय प्रशासन ने ओरोरा क्षेत्र के हिंदू पूजा स्थलों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा संबंधी स्थिति से अवगत कराया है।
संदिग्ध पर आतंकी धमकी देने और गैरकानूनी रूप से हथियार रखने के आरोप तय किए गए हैं। स्थानीय पुलिस मामले की तहकीकात के लिए संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि अन्य संभावित पहलुओं की भी समीक्षा की जा सके।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। संगठन ने कहा कि प्रत्येक समुदाय को भयमुक्त होकर पूजा-अर्चना करने का अधिकार है और उन्होंने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
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