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फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट केस: राजस्थान एसओजी ने चार और डॉक्टरों को किया अरेस्ट, अब तक 33 लोग पकड़े गए

15 Oct 2026, 09:40 PM · 17 views · 1 min readफर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट केस: राजस्थान एसओजी ने चार और डॉक्टरों को किया अरेस्ट, अब तक 33 लोग पकड़े गए

राजस्थान में विदेश से एमबीबीएस कर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट के सहारे इंटर्नशिप हासिल करने वाले चार और डॉक्टरों को एसओजी ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 33 लोग पकड़े जा चुके हैं।

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (एफएमजी) स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने चार और विदेशी मेडिकल स्नातकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अनिवार्य परीक्षा पास किए बिना ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रेशन और इंटर्नशिप हासिल की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान डीग निवासी भरत भूषण (26) और शिवम चौधरी (28) तथा भरतपुर निवासी सौरव शर्मा (29) और हिमांशु शर्मा (26) के तौर पर की गई है। इन सभी पर जाली प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप है। एसओजी के एडीजीपी विशाल बंसल ने बताया कि इन डॉक्टरों ने किर्गिस्तान, रूस और कजाकिस्तान के विभिन्न मेडिकल संस्थानों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, भारत में प्रैक्टिस और इंटर्नशिप के लिए जरूरी एफएमजी स्क्रीनिंग टेस्ट वे पास नहीं कर सके थे। अनिवार्य परीक्षा में असफल रहने के बाद आरोपियों ने दलालों के जरिए फर्जी सर्टिफिकेट खरीदे। जांच में सामने आया है कि भरत भूषण और शिवम चौधरी ने 30-30 लाख रुपये चुकाए थे, वहीं सौरव शर्मा और हिमांशु शर्मा ने इस काम के लिए 27-27 लाख रुपये दिए थे।
इन जाली दस्तावेजों की मदद से आरोपियों ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) से अनुमति ले ली और राज्य के सरकारी अस्पतालों में इंटर्नशिप शुरू कर दी। आरोपियों ने दौसा, जयपुर, धौलपुर और अलवर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला हासिल किया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क के जरिए अब तक 100 से अधिक संदिग्धों को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराए जाने की आशंका है। गिरोह 20 से 30 लाख रुपये प्रति व्यक्ति वसूल कर फर्जी एफएमजी स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट उपलब्ध कराता था। इस फर्जीवाड़े में अब तक कुल 33 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पकड़े गए लोगों में 28 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के अलावा राजस्थान मेडिकल काउंसिल के एक पूर्व रजिस्ट्रार, काउंसिल के दो कर्मचारी और कुछ बिचौलिए भी शामिल हैं। पुलिस इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

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