
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओलावृष्टि से लुढ़का पारा, कई जिलों में फसलों को नुकसान
15 Oct 2026, 09:46 PM · 10 views · 1 min read
राजस्थान के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज बदल गया है। तेज बारिश और ओलों के कारण तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते मौसम में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य के विभिन्न अंचलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से दिन के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई है।
राजधानी जयपुर में शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदला और करीब 20 मिनट तक बारिश हुई। इससे पहले गुरुवार देर शाम भी जयपुर शहर और आसपास ठंडी हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी हुई थी। जयपुर के चाकसू में 6 मिमी और एयरपोर्ट क्षेत्र में 0.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम केंद्र ने आगामी समय को देखते हुए राज्य के सात जिलों में बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा का दौर बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में मौसम बदला रहा। इस दौरान श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर में सर्वाधिक 55 मिमी यानी दो इंच से ज्यादा पानी बरसा।
श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे खेतों में कटी और पककर तैयार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
भरतपुर जिले में भी व्यापक वर्षा दर्ज की गई, जहां जुरहरा में 45 मिमी, पहाड़ी में 28 मिमी, कामां में 26 मिमी और कुम्हेर में 22 मिमी पानी गिरा। वहीं सीकर के पाटन में 10 मिमी, भरतपुर शहर में 17 मिमी और अलवर के तिजारा में 5 मिमी बरसात हुई।
ओलावृष्टि और बरसात के कारण पारे में आई गिरावट के बीच हनुमानगढ़ में गुरुवार का दिन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव और चली सर्द हवाओं की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में समय से पहले ही गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है।
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