
फर्रुखाबाद में साइबर ठगी करने वाला शख्स गिरफ्तार, 1.30 लाख रुपये और मोबाइल जब्त
06 Oct 2026, 10:47 PM · 15 views · 1 min read
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को पकड़ा है। उसके पास से बड़ी रकम और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को दबोच लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 1 लाख 30 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर की गई है।
घटना की शुरुआत 25 सितंबर को हुई थी, जब शहर के सेनापति मोहल्ला की रहने वाली रीना शुक्ला ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप था कि अज्ञात लोगों ने उनके साथ डिजिटल धोखाधड़ी करते हुए 1 लाख 38 हजार रुपये ठग लिए हैं।
शिकायत मिलने के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से जालसाजी में संलिप्त एक संदिग्ध की पहचान की।
जांच में आरोपी की पहचान हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मदारा गांव निवासी शैलेंद्र कुमार के रूप में हुई। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि यह संदिग्ध फर्रुखाबाद क्षेत्र में मौजूद है, जिसके बाद धरपकड़ के लिए विशेष जाल बिछाया गया।
मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने शैलेंद्र कुमार को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से साइबर ठगी के जरिए कमाए गए 1 लाख 30 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।
पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी शैलेंद्र ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि उसने वित्तीय लाभ के लालच में आकर रीना शुक्ला के साथ एक लाख अड़तीस हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच से यह भी सामने आया है कि आरोपी शैलेंद्र कुमार के खिलाफ पहले से ही हरदोई जिले के सांडी थाने में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक संपर्कों और किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना की गहराई से जांच कर रही है।
इस पूरी गिरफ्तारी और बरामदगी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शिवकुमार के साथ कांस्टेबल राहुल मलिक और शिवांक तिवारी शामिल रहे। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस सफलता को साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
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