
दिल्ली में कॉकचरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सुरक्षा कड़ी, 20 हजार से ज्यादा जवान तैनात
08 Oct 2026, 11:52 PM · 38 views · 1 min read
कॉकचरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कॉकचरोच जनता पार्टी (CJP) के आगामी 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर इस प्रस्तावित आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और इलाके में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू है।
यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गरमाया हुआ है। CJP और कई छात्र संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भारी अनियमितताएं बरती गईं, जिसके कारण देश भर में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
प्रदर्शन से पहले CJP के आंदोलन ने दावा किया है कि दिल्ली आ रहे कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। आंदोलन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दावा किया कि CJP, छात्र संगठनों, किसान समूहों, दलित संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कम से कम 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
संगठन के अनुसार, भोपाल में ट्रेन से यात्रा कर रहे CJP के तेलंगाना के स्वयंसेवकों को भी मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं।
राजस्थान के अलवर जिले में CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान को उनके घर से हिरासत में लिया गया और उनके भाई के साथ मारपीट की गई। हालांकि, अलवर के एसपी सुधीर चौधरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंचायत चुनावों के चलते पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका के मुताबिक, बाद में देर रात दीपक बालियान को रिहा कर दिया गया। बालियान ने मीडिया को बताया था कि लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मियों ने उनके आवास को घेर लिया था और उनके परिवार को धमकियां दी गई थीं।
इन तमाम पाबंदियों और गिरफ्तारियों के दावों के बावजूद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि 10 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन हर हाल में तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
इससे पहले बेंगलुरु में भी इस अभियान को समर्थन मिला था, जहां अभिजीत दिपके के साथ अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राथी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों को महिला प्रदर्शनकारियों से सही तरीके से पेश आने के निर्देश दिए हैं और साथ ही लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों को साझा करने से बचें।
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