
दिल्ली प्रदर्शन: CJP ने जंतर-मंतर पर नए प्रदर्शन का किया ऐलान, UN की टिप्पणी पर भारत ने जताई आपत्ति
10 Oct 2026, 10:50 PM · 12 views · 1 min read
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को जंतर-मंतर पर नए सिरे से प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च कमिश्नर (OHCHR) की हिरासत पर आई चिंता को भारत सरकार ने खारिज कर दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली में शनिवार को बड़े पैमाने पर लोगों और कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को जंतर-मंतर पर एक और प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
CJP के नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों से उनके हौसले कमजोर नहीं होंगे और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही CJP के प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिए जाने की खबर सामने आई थी। पार्टी का यह भी आरोप है कि इन नेताओं को अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया है और उनके ठिकानों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी जा रही है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट रविवार को राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी की उस याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा, जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्रियों, छात्रों, युवाओं, वकीलों और पत्रकारों की अनियंत्रित हिरासत को चुनौती दी गई है।
याचिका में तर्क दिया गया है कि पुलिस की यह कार्रवाई कानून के शासन और लोकतांत्रिक असहमति के अधिकारों के खिलाफ है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों को जुटने से रोकने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह ठप करने का मुद्दा भी उठाया गया है।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च कमिश्नर (OHCHR) के कार्यालय ने दिल्ली के प्रदर्शनों के दौरान हुई सामूहिक हिरासत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूएन एजेंसी ने भारतीय प्राधिकारियों से अपील की है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाए और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने यूएन की चिंताओं को बेबुनियाद बताते हुए इसे भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी के कई इलाकों में आवाजाही को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। ताजा प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
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