
दिल्ली प्रदर्शन: नेताओं को हिरासत में लेने के खिलाफ मेनका गुरुस्वामी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट, दायर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
10 Oct 2026, 11:51 PM · 32 views · 1 min read
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले में मेनका गुरुस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है।
देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंच गया है।
इस मामले को लेकर जानी-मानी वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और औपचारिक रूप से याचिका दाखिल की है।
अदालत में दायर की गई यह अर्जी बंदी प्रत्यक्षीकरण यानी 'हेबियस कॉर्पस' याचिका के रूप में पेश की गई है।
इस कानूनी कदम के जरिए दिल्ली में प्रदर्शनों के समय नेताओं को हिरासत में रखे जाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का उपयोग किसी व्यक्ति को अवैध या अनुचित तरीके से हिरासत में रखे जाने की स्थिति में अदालत से राहत पाने के लिए किया जाता है।
याचिका में हिरासत में लिए गए नेताओं से जुड़े अधिकारों और पुलिसिया कार्रवाई के कानूनी आधारों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका के दाखिल होने के बाद अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इस मामले को सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध करती है।
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