
चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में विरोध तेज: सीजेपी नेता हिरासत में, पुलिस ने मांगी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने की मंजूरी
13 Oct 2026, 01:04 AM · 27 views · 1 min read
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध के बीच दिल्ली पुलिस ने सीएपीएफ की 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है। वहीं जंतर-मंतर के पास सीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है। पहले यह तैनाती सोमवार को समाप्त होने वाली थी।
इसी बीच, जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारी इलाके में स्थित खानपान की दुकानों और भोजनालयों के रास्ते अंदर दाखिल हुए थे, जिन्हें तुरंत रोक लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया था। इस जगह को धरना स्थल से हटाए जाने के फैसले का विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने कड़ा विरोध किया है, जबकि प्रशासन ने जगह की कमी और आम यात्रियों को होने वाली असुविधा को इसकी वजह बताया है।
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकाले गए मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली के बाराखंभा रोड और तिलक मार्ग थानों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस का आरोप है कि बिना अनुमति के यह मार्च निकाला गया और इस दौरान बैरिकेड तोड़ने के प्रयास किए गए।
दूसरी तरफ, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों को चुनौती देने वाली राहुल गांधी व अन्य विपक्षी नेताओं की याचिका में रजिस्ट्री ने कई तकनीकी खामियां पाई हैं। इसी वजह से यह याचिका मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी।
राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के चलते कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए जाने के खिलाफ भी उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं लगाई गई हैं, जिन पर अदालत सुनवाई करने जा रही है।
दिल्ली के अलावा इस मुद्दे की गूंज अन्य राज्यों में भी देखी गई। बेंगलुरु में चुनाव अधिकारी के दफ्तर की ओर मार्च निकाल रहे करीब 100 प्रदर्शनकारियों को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं, डीएमके ने स्पष्ट किया है कि वह विपक्षी गठबंधन से अलग हो चुकी है, इसलिए वह कांग्रेस के नेतृत्व वाले इन प्रदर्शनों में भाग नहीं लेगी।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने आवास पर विपक्षी दलों के सांसदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को बैठक व चर्चा के लिए आमंत्रित किया है, जिसके बाद संयुक्त रणनीति साझा किए जाने की संभावना है।
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