
दिल्ली में कॉकच रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का ऐलान, जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात
09 Oct 2026, 10:36 PM · 34 views · 1 min read
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकच रोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है और कई पाबंदियां लगाई गई हैं।
राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग को लेकर कॉकच रोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने पिछले समझौते के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इंकार कर दिया है। इसके बावजूद पार्टी अपनी योजना पर अड़ी हुई है और उसने समर्थकों से जुटने की अपील की है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय राजधानी में कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने संभावित उपद्रवियों और आपराधिक रिकॉर्ड वाले कम से कम 100 लोगों को रात भर चले अभियानों में हिरासत में लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिल्ली की ओर प्रदर्शनकारियों के मूवमेंट को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।
ऐहतियाती कदमों के तहत दिल्ली के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर आंशिक रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अधिकारियों ने लगभग 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया है और राजधानी आने वाली दर्जनों ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए करीब 23,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लुटियंस जोन और मध्य दिल्ली के 30 प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया है। कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, मंडी हाउस, पटेल चौक और गोल डाक खाना जैसे महत्वपूर्ण चौराहों पर आवाजाही प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। सुरक्षा जांच के कारण दिल्ली की सीमाओं पर भी वाहनों की लंबी कतारें और कड़ाई देखने को मिल रही है।
सार्वजनिक परिवहन और रेल सेवाओं पर असर पड़ने के कारण यात्रियों और दैनिक कामगारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने एहतियात के तौर पर कई लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जिससे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ और चिंता बढ़ गई है। वहीं, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी रास्ते में कई स्तर की पुलिस जांच से गुजरना पड़ रहा है।
छात्र संगठनों और अन्य समर्थकों की गतिविधियों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। जामिया और जेएनयू परिसरों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है और कुछ छात्र नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। मीडियाकर्मियों को भी प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर रिपोर्टिंग न करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी गई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें हिरासत में भी ले लिया जाता है, तब भी यह आंदोलन रुकना नहीं चाहिए। दूसरी ओर, जंतर-मंतर के पास सुरक्षा कर्मियों की भारी मौजूदगी और बैरिकेडिंग के बीच इक्का-दुक्का प्रदर्शनकारी ही मौके पर पहुंच पाए हैं।
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