
मेरठ ब्लू ड्रम मर्डर केस: पति सौरभ की हत्या में पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा, कोर्ट ने दिया महाभारत का हवाला
14 Oct 2026, 09:26 PM · 17 views · 1 min read
मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या के जुर्म में पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में बहुचर्चित 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड में अदालत ने बेहद कड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा दी है।
अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के ठीक 15 दिन बाद यह सजा निर्धारित की। इस पूरे मुकदमे के दौरान करीब 13 महीनों में 100 से अधिक सुनवाइयां हुईं और अभियोजन पक्ष की तरफ से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
सजा का ऐलान करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने महाभारत का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि किए गए अपराध की गंभीरता और क्रूरता के अनुरूप दोषी को सजा देना ही धर्म है। अदालत ने दोनों दोषियों पर हत्या (आईपीसी 302) के लिए 50-50 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने (आईपीसी 238ए) के तहत 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों दोषी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सौरभ के परिवार की पैरवी कर रहे वकील विजय बहादुर के अनुसार, अभियोजन ने अदालत के सामने इसी तरह के जघन्य अपराधों की नजीर पेश करते हुए दोनों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।
अदालत में फैसला सुनाए जाने के दौरान मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी भी मौजूद थीं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उनका बेटा अब लौट नहीं सकता, लेकिन वह पिछले 18 महीनों से दोषियों को फांसी मिलने की प्रार्थना कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कठोर दंड से समाज में कड़ा संदेश जाएगा और किसी अन्य मां को ऐसा दर्द नहीं झेलना पड़ेगा।
घटनाक्रम के अनुसार, 35 वर्षीय सौरभ राजपूत फरवरी 2025 के अंत में लंदन से मेरठ वापस लौटे थे। पुलिस जांच के मुताबिक, 4 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल ने कथित तौर पर पहले सौरभ को नशीला पदार्थ दिया और फिर चाकू घोंपकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर उसे सीमेंट व रेत के साथ एक नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया गया था।
हत्या की वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर चले गए थे। मार्च के मध्य में जब ड्रम से तेज बदबू आने लगी, तब मामले का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने 18 मार्च 2025 को दोनों को हिरासत में ले लिया। न्यायिक हिरासत के दौरान ही नवंबर 2025 में मुस्कान ने एक बच्ची को जन्म दिया था।
पुलिस ने मई 2025 में करीब एक हजार पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, इसलिए अभियोजन ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और चाकू व ड्रम बेचने वाले दुकानदारों के बयानों को आधार बनाकर दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित किया।
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